Monday, January 9, 2017

अरसों बाद कर के बात तुझ से महसूस हुआ है ... तू नहीं है पास... पर अभी बदला नहीं है ...
गुज़रे हुए लम्हों को मैं इक बार तो जी लूँ, कुछ ख्वाब तेरी याद दिलाने के लिए हैं !!

ख़त

तुझे ख़त लिख के क्या फ़ाएदा मुझे मालूम है तिरे जवाब का मैं करूँ तुझ से सवाल क्या तू खुद ही इक सवाल है...
नींदों का मरीज़ था कोई नींदें चुरा कर ले गया मेरी उसे भी नहीं आती होगी ....

हाँ मैं बदला हूँ जरूर पर तुझ सा तो नहीं ..

Monday, September 12, 2016

तिरे शहर का दौरा जो मैं करता रहता हूँ ये दौरा तिरे शहर में रह जाने के लिए है

Wednesday, June 15, 2016

Yaad hai na....

तेरे संग वो मेरे सारे लम्हें गुजरना
तेरे बिन मेरे वो आलम ठहरना

आधे रातों को वो तेरा फ़ोन घुमाना
फिर मुझ को सारी सारी रात जगाना
जाना याद है ना, याद है ना, याद है ना
बताना जाना याद है ना याद है ना
याद है ना..

चुप के से तेरा वो मिलने को आना
आना तेरा वो था जो कर के बहाना
बहाना कर के फिर से तेरा वो चले जाना
जाना याद है ना याद है ना याद है ना

इक रोज़ तेरा वो लास्ट मैसैज आना
मैसैज में तेरा वो मुझको बताना
मुझे याद नहीं दिन कोई भी सुहाना
अब भूल चुकी मैं तुमको ओ दिवाना

जाना याद है ना,याद है ना,याद है ना