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Showing posts from December, 2015

सदाएं क्यूँ नहीं देते...

ना तुम हो बताने को के तुम कुछ भूल रहे हो ना तुम हो सताने को मगर फिर भी ये लगता है, सदाओं में,हवाओँ में,अज़ानों में कही तुम हो सदाओं में कही गर हो सदायें क्यूँ नहीं देते ! ~ Joy