लौट आओ January 31, 2016 चुपके से आ जाओ कभी किसी को खबर ना हो हवाओँ को भी पता न लगे ऐसे आना क्यूँ ना तुम बारिशों में बरसती हुई बूँद बन कर आ जाओ या फिर फूलों में महकती हुई खुशबू बन कर चले आओ अच्छा एक काम क... Read more